आदर्श वक्ता का रहस्य | श्रीमद्भागवतम् 1.1.6 से गुरु-तत्व की सीख
क्या आपने कभी सोचा है—कि एक ही बात,एक ही शब्द,अगर कोई साधारण व्यक्ति कह दे तो हम सुनकर भूल जाते हैं…लेकिन वही बातजब कोई महापुरुष कह देता है,तो वह सीधे हमारे हृदय के अंधकार को मिटा देती है? आख़िर ऐसा क्यों होता है? वाणी तो वही है…शब्द भी वही हैं…फिर अंतर कहाँ है? भक्तों,आज हम … Read more