शिक्षाष्टकम् श्लोक 2 — नाम जप करते हुए भी मन क्यों नहीं लगता?
Shikshashtakam Shloka 2 Explained in Simple Hindi शिक्षाष्टकम् श्लोक 2 बहुत सूक्ष्म बात कहती है। कई बार हम नाम-जप (हरिनाम) करते हैं, लेकिन मन फिर भी शांत नहीं होता। वर्षों से जप करने वाले भक्त भी कहते हैं — “अट्ठाईस साल, तीस साल जप किया, लेकिन मन के दोष खत्म नहीं हुए।”ऐसा क्यों होता है?इसका … Read more