प्रारब्ध से ऊपर – Motivational Story in Hindi
मथुरा शहर में रहने वाला देवांश बड़ा ही सीधा-सादा युवक था।हर काम ईमानदारी से करता, फिर भी जीवन में दुख ही दुख।कभी नौकरी छूट जाती, कभी परिवार में बीमारी…उसके मन में एक ही सवाल: “भगवान मैं क्या गलत कर रहा हूँ?” एक दिन मंदिर में हुए सत्संग में एक वृद्ध भक्त बैठे थे —स्वामी हरिदास। … Read more