शिक्षाष्टकम् का आठवाँ श्लोक — समर्पण का सर्वोच्च शिखर

समर्पण

शिक्षाष्टकम् का आठवाँ श्लोक निश्चल प्रेम, निष्काम भक्ति और पूर्ण शरणागति का संदेश देता है, जहाँ भक्त भगवान की इच्छा में स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर देता है। आज हम शिक्षाष्टकम् के आठवें और अंतिम श्लोक पर मनन कर रहे हैं। यह श्लोक भक्ति का ऐसा शिखर दिखाता है जहाँ चैतन्य महाप्रभु कहते हैं- आश्लिष्य … Read more