सब कुछ होने के बाद भी… Confidence क्यों गिर जाता है?

सब कुछ होने के बाद भी… Confidence क्यों गिर जाता है?

कभी ऐसा होता है… 👉 सब कुछ होने के बाद भी… आपको insecurity feel होती है?

आपके पास skills हैं… resources हैं…  support भी है…👉

फिर भी मन में डर रहता है —“अगर मैं हार गया तो?” “अगर सामने वाला मुझसे better निकला तो?” 

असल में problem बाहर की नहीं है… 👉 comparison की है

जब हम खुद को दूसरों से compare करते हैं…👉 तो confidence गिरता है 👉 और insecurity बढ़ती है 

गीता में दुर्योधन भी यही करता है…👉 वह अपनी सेना होने के बाद भी द्रोणाचार्य के पास जाकर पांडवों की ताकत गिनाने लगता है

गीता हमें सिखाती है: 👉 comparison नहीं… clarity जरूरी है

जब focus अपने purpose पर होता है…👉 तो fear अपने आप कम हो जाता है 

आज बस एक काम कीजिए: 👉 खुद को compare करना बंद कीजिए और अपनी 1 strength लिखिए जिस पर आप काम करेंगे।

क्योंकि जो हमेशा दूसरों को देखता है… 👉 वो कभी अपनी ताकत पहचान नहीं पाता।

Comparison छोड़ो… अपनी ताकत पहचानो।