जप में आनंद क्यों नहीं आता? ये 10 बातें जानें… 

जप में आनंद क्यों नहीं आता? ये 10 बातें जानें… 

सुबह माला चलती है… पर मन नहीं चलता। क्यों?

कहते हैं… जप को रोकती हैं 10 अदृश्य गलतियाँ। क्या आपने भी इन्हें महसूस किया है? 

1. भक्तों की निंदा एक शब्द… और जप का रस सूख जाता है।

2. भगवान को देवताओं जैसा मानना लेकिन सब एक नहीं होते… नियंत्रण एक के पास है।

3. गुरु-वाक्य का अनादर गुरु का आदेश ही मार्ग है…

4. शास्त्रों की आलोचना यानि ज्ञान की माता पर संदेह जिससे प्रगति रूक जाती है।

5. नाम की शक्ति पर संदेह विश्वास टूटे… तो मंत्र का असर भी।

6. नाम में मनगढ़ंत अर्थ नाम अचिंत्य है… हमारी सोच से परे।

7. ‘पहले पाप, बाद में जप’ यह सोच… गिरावट की शुरुआत है।

8. महामंत्र को साधारण मानना यह मंत्र नहीं… स्वयं भगवान हैं।

9. अयोग्य को गहरा ज्ञान देना उपहास सहना… आस्था को चोट पहुँचाता है।

10. जप में पूर्ण विश्वास न होना एवं भौतिक आसक्ति बनाए रखना।

जब ये 10 बातें साफ होती हैं… जप गहरा होता है, मन शांत होता है, हृदय हल्का होता है।

क्या आप भी गहरा जप करना चाहते हैं? पूरा लेख पढ़ें ↓